एक IPL सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद गायब हो गए ये 5 खिलाड़ी


आईपीएल यकीनन दुनिया की सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी टी-ट्वेंटी लीग है. इस लीग के मानकों में हर साल वृद्धि होती है, जिसमें एक के बाद दूसरे पर मनमोहक प्रदर्शन देखने को मिलते हैं. आईपीएल एक ऐसा मंच हैं, जिस पर प्रत्येक खिलाड़ी अपना सर्वोच्च देखना चाहते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी खिलाड़ी देखने को मिले हैं, जो सिर्फ एक आईपीएल सीजन में दमदार प्रदर्शन के बाद अनाचक से गायब हो गए. ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में हम इस लेख में जानेगे.

1) पॉल वल्थाटी

दाएं हाथ के बल्लेबाज पॉल वल्थाटी आईपीएल 2011 में सिर्फ 63 गेदों पर चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध 120 रनों की तूफानी पारी खेलने के बाद रातों रात स्टार बन गये थे. जिसके बाद उन्होंने मुंबई इंडियंस के विरुद्ध भी तूफानी अर्द्धशतक लगाया था. सीजन के 14 मैचों में वल्थाटी ने 35.61 की औसत और 136.98 की स्ट्राइक रेट से 463 रन बनाये थे हालाँकि अगले दो सीजन में वह 7 मैचों में सिर्फ 19 रन बना पाए थे.

2) मनविंदर बिसला

आईपीएल 2012 में कोलकाता नाईट राइडर्स की ओर से खेलते हुए चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध फाइनल में 89 रनों की तूफानी पारी के बाद बिसला सुर्खियों में आये थे. अगले सीज़न में उन्हें आरसीबी के लिए कुछ खेले लेकिन फिर दोबारा वापसी नहीं कर पाए. मनविंदर ने आईपीएल में वापसी के लिए अन्य लीगों में भी हिस्सा लिया लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया.

3) सौरभ तिवारी

खब्बू एमएस धोनी के रूप में लोकप्रिय हुए सौरभ तिवारी ने आईपीएल 2010 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए 16 मैचों में 419 रन बनायें थे. उनकी दमदार क्षमताओं ने उन्हें टूर्नामेंट के उभरते हुए खिलाड़ी का दर्जा दिलाया था. झारखंड के इस बल्लेबाज के पास ऑर्थोडॉक्सत तकनीक थी लेकिन 2010 सीजन के बाद उनका फॉर्म फीका रहा.

4) स्वप्निल असनोडकर

स्वप्निल राजस्थान रॉयल्स के 2008 के अभियान के बिल्डिंग ब्लॉक्स में से एक था. टीम की खिताबी जीत में उनके योगदान काफी अहम था. उन्होंने 9 मैचों में 311 रन बनाये थे. शेन वार्न के समर्थन से, गोवा के इस बल्लेबाज ने उस अद्भुत प्रदर्शन किया था. लेकिन इस सीजन के बाद वह अगले 3 सीजन और खेले लेकिन उनके बल्ले से एक भी बड़ी पारी नहीं निकली.

5) राहुल शर्मा

डेक्कन चार्जर्स’ के लेग स्पिनर ने 2011 में सचिन तेंदुलकर का विकेट लेने के बाद सुर्खियां बटोरीं थे. डेब्यू सीज़न में उन्हें 13 मैचों में 14 विकेट लेने का मौका मिला. आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत की राष्ट्रीय टीम में भी खेलने का मौका मिला लेकिन अच्छा प्रदर्शन न करने के बाद उन्हें 4 वनडे और 2 टी20 खेलने के बाद टीम से बाहर कर दिया गया. जिसके बाद से उनके प्रदर्शन में लगातार गिरावट देखने को मिली.

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