जानें कैसी दिखेगी 80 व 90 के दशक की भारतीय खिलाड़ियों से सजी आईपीएल प्लेइंग XI


आधुनिक दौर में तकरीबन दुनिया के हर क्रिकेटर का सपना आईपीएल खेलने का होता है। साल 2008 से शुरु हुए इस क्रिकेट के महाकुंभ में दुनिया के कई दिग्गज क्रिकेटर खेल चुके हैं, जिसमें भारत के दिग्गजों की बात करें तो सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, हरभजन सिंह, अनिल कुंबले, जहीर खान और कई अन्य खेल चुके हैं। आईपीएल के आने से बहुत पहले यानी 80 व 90 के दशक के कई क्रिकेटर इस लीग में नहीं खेल पाए। हालांकि वह अगर आज के दौर में खेल रहे होते तो उन्हें आईपीएल में टीमें हाथों-हाथ लेती। जानें उस दौर के क्रिकेटरों को मिलाकर बनने वाली एकादश कैसी दिखेगीः

बल्लेबाज व विकेटकीपर

आईपीएल की वेटरन एकादश में सबसे पहले बात सलामी बल्लेबाजों की। जिसमें कृष्णामचारी श्रीकांत व विनोद कांबली बतौर ओपनर टीम का हिस्सा बन सकते हैं। ये दोनों दिग्गज आधुनिक क्रिकेट से बहुत पहले ही विस्फोटक हुआ करते थे। कांबली के पास कई तरह के शॉट थे, जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने की क्षमता रखते हैं। वहीं श्रीकांत उस दौर में गेंदबाजों पर टूट पड़ते थे, जब ज्यादातर बल्लेबाज डिफेंस किया करते थे।

मध्यक्रम में मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा क्रमशः तीसरे व चौथे नंबर पर फिट बैठेंगे। कलाई के जादूगर अजहर ने वनडे के अलावा टेस्ट में भी तेज तर्रार पारियां खेली है। वहीं जडेजा अपने दौर के बेहतरीन फिनिशर व फील्डर रहे हैं। जबकि बतौर विकेटकीपर नयन मोंगिया इस टीम में फिट बैठते हैं।

ऑलराउंडर

इस टीम के लिए ऑलराउंडर के चुनाव की बात करें, तो कपिल देव, मौजूदा भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री, मनोज प्रभाकर व रॉबिन सिंह को जगह मिल सकती है। भारत के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर रहे कपिल देव टीम की कप्तानी के विकल्प भी हो सकते हैं, जबकि वह अपने कोटे के चार ओवर व सबसे जिम्मेदार बल्लेबाज की भूमिका भी निभा सकते हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में मनोज प्रभाकर भी टीम में जगह पा सकते हैं। वहीं स्पिन विकल्प में रॉबिन सिंह जो एक बेहतरीन फील्डर भी हैं। रवि शास्त्री किसी भी स्थान पर बल्लेबाजी कर सकते हैं और जरुरत पड़ने पर टीम के लिए गेंदबाजी का विकल्प भी दे सकते हैं।

गेंदबाज

अपने प्राइम पर मनिंदर सिंह सबसे बेहतरीन टी-20 स्पिनर साबित हो सकते थे। फ्लाइट से लेकर उनकी गेंदों में लूप, टर्न व विविधता थी, जो उन्हें टी-20 का बढ़िया स्पिनर बनाता है। वहीं तेज गेंदबाजी में जवागल श्रीनाथ और चेतन शर्मा कपिल का बढ़िया साथ दे सकते थे। श्रीनाथ ने आधुनिक क्रिकेट में खुद को साबित भी किया है।

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