महाराष्ट्र में कोराना ने बिछाया मौत का मातम, एक दिन में हुई रिकॉर्ड 920 मौत, 57640 नए केस


महाराष्ट्र में कोराना ने फिर से मौत का मातम बिछाया है. बुधवार भी आंकड़ा रिकार्ड 920 आया है. रोज-रोज मौत के आंकड़े इस तरह आएंगे तो हम इंसान फिर किस दुनिया में घर बसाएंगे. मंगलवार भी मृतकों का आंकड़ा 891 तक पहुंच गया था. इससे दो दिनों पहले शनिवार को आंकड़ा 802 था और शुक्रवार को यह संख्या 828 थी.

आज हर तीसरे व्यक्ति ने या तो किसी अपने को खोया है, या अपना सा कोई खोया है. मौत का ऐसा बवंडर पैदा हो गया है कि मौत का डर ही खत्म हो गया है. आज ये मौत के आंकड़े गिनते वक्त ऐसा लगने लगा है कि हम मृतकों की संख्या नहीं गिन रहे, अंकगणित का कोई सवाल हल कर रहे हैं.

नए पॉजिटिव केस की संख्या फिर बढ़ गई

बुधवार को फिर 57 हजार 640 नए पॉजिटिव केस सामने आ गए. मंगलवार को यह संख्या 51 हजार से थोड़ी ज्यादा थी. सोमवार को यह संख्या 48 हजार से थोड़ी ज्यादा थी. नए संक्रमितों के मामले में यह दो दिनों की राहत रही तो लगा कि कोरोना काल थोड़ा थम रहा है. लेकिन बुधवार आंकड़ा फिर 55 हजार को क्रॉस कर गया. हर कोई हतप्रद है. किंकर्तव्यविमूढ़ है. कोरोना को कैसे कंट्रोल करें, सबकी समझ से कोसों दूर है.



ना भारत में हममें से ज्यादातर लोगों ने भारत विभाजन का दौर देखा है. ना दुनिया में ज्यादातर लोगों ने दूसरे विश्वयुद्ध का भयानक दौर देखा है. लेकिन आज हममें से ज्यादातर लोगों ने कोरोना के कहर का भयानक यह दौर देखा है. इससे पहले हर रोज चंद्र, मंगल और अंतरिक्ष तक विकास की दौड़ लगाने वाले हम इंसानो ने देख लिया कि कोरोना के विनाश का यह दौर कैसा है!

महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के हालात

अब तक महाराष्ट्र में 2 करोड़ 83 लाख 84 हजार 582 लोगों की टेस्टिंग हुई है. इनमें से 48 लाख 80 हजार 542 नमूने पॉजिटिव पाए गए हैं. यानी कुल टेस्टिंग में 17.19% लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. फिलहाल राज्य में 38 लाख 52 हजार 501 व्यक्ति होम क्वारंटीन हैं. 32 हजार 174 लोग इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन हैं. इस प्रकार राज्य में सक्रिय संक्रमितों की संख्या कुल 6 लाख 41 हजार 596 है.

वायरस से विनाश का इतना विशाल और व्यापक संकट जाएगा कब, इसका इंतजार आज कर रहे हैं सब. लेकिन ऐसा लगता है कि यह जाने को तैयार नहीं है. कोरोना की तीसरी लहर का आना भी तय है, इससे किसी को इंकार नहीं है. बस अब तो अपने हाथ सिर्फ प्रार्थना बची है कि हे ईश्वर तूने किस बात का पूरी मानव जाति को यह अभूतपूर्व अभिशाप दिया है, आखिर हमने ऐसा कौन सा इतना बड़ा पाप किया है?

जितने नए केस आए, करीब उतने ही कोरोना से ठीक हुए

इन दर्दनाक, खौफनाक खबरों में भी गौर से देखें तो कुछ शुभ संकेत मिल गए. बुधवार को भी कोरोना से ठीक होकर 57 हजार 6 लोग अपने घर गए. यानी जितने नए पॉजिटिव केस सामने आए करीब उतने ही कोरोना संक्रमित ठीक भी हुए. इस तरह से फिलहाल रिकवरी रेट 85.32% हो गया है. और राज्य में अब तक कुल 41 लाख 64 हजार 98 लोगों की जिंदगी से कोरोना निकल गया है. आखिर में अब यह ना कहना कि रात लंबी ऐसी है कि सुबह नज़र आती नहीं है, रौशनी रुबरू है तुम्हारे, बस नज़रे वहां तक जाती नहीं है.

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