राजस्थान में लगा महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा, जानें क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा

 


जयपुर. राजस्थान में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद गृह विभाग ने 3 मई से 17 मई तक 'महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा' घोषित किया है. नई गाइडलाइन ज्यादा सख्त हैं. 3 मई से सोमवार सुबह 5 बजे से 17 मई सुबह 5 बजे तक नई गाइडलाइन लागू रहेंगी. इस दौरान सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं बाजार बंद रहेंगे.शुक्रवार 7 मई दोपहर 12 बजे से सोमवार 10 मई सुबह 5 बजे तक और शुक्रवार 14 मई दोपहर 12 बजे से 17 मई सुबह 5 बजे तक महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन वीकेंड कर्फ्यू रहेगा. सोमवार से शुक्रवार प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक प्रदेश में 'महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा.

बेवजह घूमने वाले होंगे क्वॉरेंटाइन

कर्फ्यू के दौरान अनुमत श्रेणी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति बिना किसी कारण के घूमता हुआ पाया गया तो उसे संस्थागत क्वॉरेंटाइन कर दिया जाएगा. जब तक कि उसकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आ जाती है.
सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, आटा चक्की, पशुचारे से संबंधित थोक एवं खुदरा दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 6 से सुबह 11 बजे तक ही खुलेंगी. किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानें/परिसर सोमवार से गुरुवार सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे तक खुले रहेंगे. ऑप्टिकल संबंधी दुकानें मंगलवार एवं शुक्रवार को सुबह 6 बजे से सुबह 11 बजे तक खुलेंगी.

डेयरी, फल-सब्जियों की दुकानें कब खुलेंगी

मंडियां, फल एवं सब्जियां तथा फूल-मालाओं की दुकानें प्रतिदिन सुबह 6 से सुबह 11 बजे तक खुल सकेंगी. ठेले, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जियों और फलों का विक्रय प्रतिदिन सुबह 6 से शाम 5 बजे तक की सीमा में किया जा सकता है. डेयरी एवं दूध की दुकानों को प्रतिदिन सुबह 6 से सुबह 11 बजे और शाम 5 से शाम 7 बजे तक खोलने की अनुमति होगी. राशन की दुकानें बिना किसी अवकाश के खुली रहेंगी. साथ ही, फार्मास्यूटिकल, दवाएं एवं चिकित्सा उपकरणों से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति होगी.

शाही समारोह के लिये नये नियम

प्रोसेस्ड फूड, मिठाई, बेकरी एवं रेस्टोरेंट इत्यादि दुकानें बंद रहेंगी. केवल होम डिलीवरी की सुविधा रात 8 बजे तक ही रहेगी. विवाह समारोह में अब 50 की जगह 31 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे और विवाह समारोह केवल एक ही कार्यक्रम के रूप में अधिकतम 3 घंटे तक आयोजित किया जा सकेगा. विवाह समारोह के संबंध में दिनांक, आयोजन की समयावधि एवं स्थान की पूर्व सूचना उपखण्ड मजिस्ट्रेट को ई-मेल से देने के साथ ही शामिल होने वाले मेहमानों एवं अतिथियों की सूची भी अनिवार्य रूप से देनी होगी. इस सूची के अतिरिक्त कोई भी अतिथि को समारोह में शामिल होने की अनुमति नहीं रहेगी.

बिना पूर्व सूचना के विवाह समारोह आयोजित करने तथा सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रखने पर 5 हजार रुपये तथा 31 से अधिक व्यक्ति होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. सरकारी कर्मचारी, अधिकारी एवं चुने हुए प्रतिनिधियों से इस दौरान अनुकरणीय आचरण एवं सख्त अनुशासन की अपेक्षा की गई है. जिस कार्यक्रम में वे आमंत्रित हों, उनके द्वारा इन दिशा-निर्देशों की पालना की जाए. सभी खेल मैदान एवं सार्वजनिक उद्यान अब सुबह 5 बजे से सुबह 11 बजे तक ही खुले रह सकेंगे.

समस्त उद्योग एवं निर्माण संबंधी इकाइयों में कार्य करने की अनुमति होगी. संबंधित इकाई अपने श्रमिकों के लिए पहचान पत्र जारी करें, जिससे उनको आवागमन में सुविधा हो सके. निर्माण सामग्री से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं होगी. दूरभाष अथवा इलेक्ट्रोनिक माध्यम से ऑर्डर मिलने पर सामग्री की सप्लाई की जा सकेगी. नई गाइडलाइन के तहत परामर्श दिया गया है कि जहां तक संभव हो बाजारों में खरीददारी के लिए दुपहिया एवं चोपहिया वाहनों का प्रयोग ना करें और नजदीकी दुकान से पैदल, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन (साइकिल रिक्शा या ऑटो रिक्शा) का प्रयोग करें, ताकि बाजारों में भीड़भाड़ ना हो.

महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा के दौरान अपील की गई है कि शादी-समारोह का आयोजन स्थगित कर इन्हें बाद में आयोजित किया जाए ताकि संक्रमण पर रोक लगाई जा सके. साथ ही जहां तक संभव हो हाॅस्पिटल में भर्ती पाॅजिटिव व्यक्ति के साथ अन्य कोई व्यक्ति ना जाए. विशेष परिस्थितियों में केवल एक ही व्यक्ति को अनुमत किया जाए. शेष दिशा-निर्देश जन अनुशासन पखवाड़ा की पूर्व गाइडलाइन के अनुसार यथावत लागू रहेंगे.

केंद्र ने लॉकडाउन के लिये राज्यों को क्या सलाह दी

केंद्र सरकार ने अपनी गाइडलाइन में राज्यों को 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर एवं 60 प्रतिशत से अधिक ऑक्सीजन और आईसीयू बेड उपयोग वाले क्षेत्रों में लाॅकडाउन की सलाह दी है. राजस्थान में वर्तमान पाॅजीटिविटी दर लगभग 21 प्रतिशत एवं कोविड रोगियों के लिए ऑक्सीजन तथा आईसीयू बेड का 90 से 95 प्रतिशत तक उपयोग हो रहा है. राज्य सरकार ने इन विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और सख्त कदम उठाते हुए महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा की गाइडलाइन जारी की हैं.

मुख्यमंत्री की अपील

सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के कारण पूरा प्रदेश मुश्किल दौर से गुजर रहा है. संक्रमण की दर के साथ-साथ कोविड से होने वाली मौतों की संख्या भी पहले की तुलना में काफी तेजी से बढ़ी है. चिकित्सा संसाधनों पर अत्यधिक दबाव है. ऐसे में प्रदेशवासी संयम और अनुशासन का परिचय देकर इस संकट से बाहर आने में सहयोग करें. क्योंकि जब तक संक्रमण की चेन नहीं टूटेगी, हमारे सभी प्रयास कम साबित होते रहेंगे. मुख्यमंत्री ने अपील की है कि प्रदेशवासी इस महामारी की भयावहता को समझें और बाजारों, विवाह-समारोहों सहित अन्य गतिविधियों में भीड़भाड़ रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों की पालना करें.


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