3 भारतीय गेंदबाज जो कुंबले से पहले ले सकते थे सभी 10 विकेट, आखिरी विकेट पर फिल्डर ने छोड़ दिया था कैच

 


टेस्ट क्रिकेट में दो ही गेंदबाज हुए जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ‘परफेक्ट टेन’ यानी एक ही पारी में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया। 1956 में जहां इंग्लैंड के स्पिनर जिम लेकर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार ये रिकॉर्ड बनाया तो वहीं 1999 में भारत के स्पिनर अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ इस रिकॉर्ड की बराबरी की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुंबले से पहले तीन भारतीय गेंदबाज ‘परफेक्ट टेन’ के लिस्ट में शामिल होने के काफी करीब पहुंच गए थे लेकिन इतिहास बना नहीं पाए।

सुभाष गुप्ते, 1958

भारत की ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पहली बार एक पारी में 10 विकेट लेने वाले दिग्गज लेग स्पिनर सुभाष गुप्ते टेस्ट क्रिकेट में भी इस कारनामे को दोहराने वाले थे। वेस्टइंडीज के खिलाफ कानपुर में खेले गए टेस्ट मैच की पहली पारी में गुप्ते ने अपनी फिरकी में कैरेबियाई बल्लेबाजों को फंसाते हुए 9 शिकार किए। उन्हें 10वां विकेट भी मिल जाता लेकिन विकेटकीपर ने कैच ड्रॉप कर इतिहास लिखने से उन्हें वंचित कर दिया। गुप्ते ने मैच में 102 रन देकर 9 विकेट लिए।

जसुभाई पटेल, 1959

अपनी शानदार ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर जसुभाई पटेल सुभाष गुप्ते के बाद 9 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज बने थे। जसू पटेल ने अपने इस कारनामे के लिए उसी मैदान को चुना जहां गुप्ते ने रिकॉर्ड बनाया था। 1959 में इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 9 विकेट अपने नाम किए। अगर बापू नंदकानी ने नॉरमन ओ नील का कैच टपकाया न होता तो पटेल के नाम 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड होता।

कपिल देव, 1983

एक समय विश्व क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले कपिल देव भी टेस्ट की एक पारी में सभी 10 विकेट अपने नाम कर सकते थे। 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए तीसरे टेस्ट के दौरान कपिल देव ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम के 9 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। मैच की चौथी पारी में कपिल ने दिग्गजों से सजी वेस्टइंडीज टीम को अपनी स्विंग गेंदबाजी से तहस नहस कर दिया। कपिल ने 30 ओवर की गेंदबाजी में 83 रन देकर 9 विकेट लिए थे।

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