क्रिकेट इतिहास का इकलौता अंतरराष्ट्रीय मैच जिसमें खेली थी 3 भाईयों की जोड़ी

 


हम सभी ने खेल के मैदान में कई बार भाईयों की जोड़ी को एकसाथ खेलते हुए देखा हैं, जिसमें कई जोड़ियां बेहद सफल भी रही हैं। इसमें स्टीव वॉ और मार्क वॉ भाईयों की जोड़ी पहले नंबर पर आती जिन्होंने लंबे समय तक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम में योगदान दिया। वहीं इसके अलावा भारत के लिए इरफान पठान और यूसुफ पठान की भाईयों की जोड़ी के बाद अब मौजूदा समय में हार्दिक और क्रुणाल पांड्या की जोड़ी देखने को मिल जाती है।

लेकिन क्या आपने कभी एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 3 भाईयों की जोड़ी को एकसाथ खेलते हुए देखा है वह भी एक ही टीम से। ऐसा साल 1997 में जिम्बाब्बे और न्यूजीलैंड की टीम के बीच हरारे के मैदान में हुए टेस्ट मैच में देखने को मिला था। जिसमें जिम्बाब्वे की टीम से 3 भाईयों की जोड़ी एक साथ मैदान में खेलने उतरी थी। इसमें एंडी फ्लावर और ग्रांट फ्लावर के अलावा पॉल स्ट्रेंग और ब्रायन स्ट्रेंग भाईयों की जोड़ी के साथ गेविन रैनी और जॉन रेनी भाईयों की जोड़ी एक साथ मैदान में खेलने के लिए उतरी थी।

मैच में जिम्बाब्वे ने की पहले बल्लेबाजी

इस मैच को लेकर बात की जाए तो न्यूजीलैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, जिसमें बाद जिम्बाब्वे की टीम अपनी पहली पारी में 298 के स्कोर पर सिमट गई थी, जिसमें ग्रांट फ्लावर ने शानदार 104 रनों की पारी खेली थी। वहीं पॉल स्ट्रेंग ने 42 जबकि जॉन रेनी ने 22 रनों की पारी खेली थी। जवाब में कीवी टीम की पहली पारी सिर्फ 207 के स्कोर पर ही सिमट गई जिसमें पॉल स्ट्रेंग और ब्रायन स्ट्रेंग भाईयों की जोड़ी ने मिलकर 5 विकेट हासिल किए थे।

दूसरी पारी में ग्रांट फ्लावर ने फिर जड़ा शतक

पहली पारी में बढ़त मिलने के बाद आत्मविश्वास से लबरेज जिम्बाब्वे की टीम से पारी की शुरूआत करने उतरे ग्रांट फ्लावर ने एकबार फिर शतकीय पारी खेलते हुए अकेले 151 रन बना दिए। वहीं उनके साथ बल्लेबाजी करने उतरे गेविन रेनी ने भी 57 रनों की पारी खेली थी। जिसके चलते जिम्बाब्वे की टीम ने अपनी दूसरी पारी 311 के स्कोर पर 9 विकेट के नुकसान पर घोषित कर दी थी। लेकिन 403 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम ने दूसरी पारी में 1 विकेट शेष रहते हुए इस मैच को ड्रॉ कराने में कामयाब रही थी।

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