14 साल की उम्र में क्रिकेट से बनाई दूरी, करने लगा वेल्डिंग फिर जूते उधार लेकर बन गया आईपीएल का यॉर्कर किंग


मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है, यह पंक्तियां बाएं हाथ के तेज गेंदबाज लुकमान मेरीवाला के ऊपर बिल्कुल सटीक बैठती है। लुकमान मेरीवाला बड़ौदा के सरनार गांव में रहने वाले खिलाड़ी लुकमान मेरीवाला ने गरीबी को बड़ी करीब से देखा है। लुकमान मेरीवाला क्रिकेट के शुरू से शौकीन रहे हैं लेकिन उनके इस सपने के बीच उनकी गरीबी आड़े आ गयी। लुकमान मेरी वाला अपने गांव में तेज गेंदबाजी किया करते थे उनकी तेज गेंदबाजी को देख उनके परिवार ने उन्हें क्रिकेट खेलने की सलाह दी। उनके गांव से क्रिकेट एकेडमी लगभग 120 किलोमीटर दूर थी। लुकमान मेरीवाला वहां रोज जाया करते थे लेकिन रोज ये सफर उनके लिए मुश्किल हो रहा था। उन्होंने 14 साल की उम्र में क्रिकेट से दूरी बना ली उन्होंने वेल्डिंग का काम करना शुरू कर दिया।

उधारी के जूते लेकर बन गए आईपीएल के हिस्सा

लुकमान मेरीवाला एक बार फिर से क्रिकेट की फील्ड पर वापस लौट गए।उनके पास जूते नहीं थे इन इस समय में टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी इरफान पठान, हार्दिक पांड्या और कुणाल पांड्या ने उनकी काफी मदद की। इरफान पठान ने 1 दिन लुकमान मेरीवाला से उनके जूते का साइज पूछा और उन्हें जूते दे दिए।मेरिवाला ने सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया और देखते ही देखते लुकमान मेरी वाला को आईपीएल में दिल्ली कैपिटल की टीम ने 20 लाख रुपए में खरीद लिया। लुकमान मेरीवाला अब अपने सही ट्रैक पर आ गए थे और ऋषभ पंत ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी खेलने का मौका दे दिया। पहले ओवर में लुकमान मेरीवाला ने 20 रन दे दिए लेकिन उसके बाद के 2 ओवरों में मेरीवाला ने 12 रन देकर एक विकेट हासिल किया। हालांकि उसे दोबारा प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन अभी भी आईपीएल के मैच बाकी है हो सकता है मेरीवाला को मौका मिल जाये।

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